नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों द्वारा निकाले गए संसद मार्च पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया है।
लोकस
भा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवा रोजगार, पारदर्शिता और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय सरकार बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के इतिहास के “सबसे अधिक युवा-विरोधी प्रधानमंत्री” साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार न केवल युवाओं की उम्मीदों को तोड़ रही है, बल्कि उनके अधिकारों को कुचलने का भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय विरोध करने वालों पर कार्रवाई कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी छात्रों पर बल प्रयोग की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक को है। उन्होंने कहा कि जब युवा अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, तब सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए, न कि उन्हें डराने और दबाने की कोशिश करनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि संसद देश के युवाओं की भी है और NEET-UG पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्र और उनके परिवार इस मामले में जवाब चाहते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार शिक्षा नीति, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और NEET-UG पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार बहस से बच रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों पर चर्चा कराने के बजाय उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा, “देश के युवा अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वे पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली चाहते हैं। लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।” कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संसद में खुलकर चर्चा करनी चाहिए ताकि युवाओं के मन में पैदा हुए सवालों और आशंकाओं का समाधान हो सके।
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