जालंधर, 30 सितंबर 2026
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर के परागपुर में भाजपा की ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन अवसर पर आयोजित विशाल रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव भाजपा नशामुक्त पंजाब के मुद्दे पर लड़ेगी और भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 से पहले राज्य को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
अमित शाह ने कहा कि पंजाब में किसानों, महिलाओं, युवाओं, उद्योग और आर्थिक स्थिति से जुड़े कई मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा का प्रमुख मुद्दा नशामुक्त पंजाब होगा। उन्होंने पंजाब की महिलाओं और युवाओं से नशे के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प दोहराते हुए कहा कि तय समयसीमा तक पंजाब में चिट्टा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शाह ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने 18 सितंबर को पठानकोट से ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत की थी। यह यात्रा 13 दिनों में करीब चार हजार किलोमीटर का सफर तय कर जालंधर पहुंची।
शाह ने भगवंत मान सरकार पर उठाए सवाल
अमित शाह ने अपने संबोधन में पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान से नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी पूछे। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों और सजा का जिक्र करते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा। शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार एन-कोर्ट की बैठकों में दो वर्षों से शामिल नहीं हुई।
उन्होंने भाजपा की ‘मावां मंगदियां हिसाब’ मुहिम का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान वह उन माताओं से मिले जिन्होंने नशे के कारण अपने बेटों को खोया है। शाह ने कहा कि नशामुक्त पंजाब की लड़ाई किसी राजनीतिक एजेंडे तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को बचाने से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक राज्य को नशामुक्त नहीं किया जाता। शाह ने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आने पर पंजाब में नशे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
अमित शाह ने पंजाब के राजनीतिक इतिहास और राज्य के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि

पंजाब गुरुओं, संतों और महान शहीदों की धरती है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी और सुरक्षा में पंजाबियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन वर्तमान समय में नशा युवाओं और परिवारों के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।
रैली को संबोधित करते हुए पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब में नशे की समस्या के लिए आम आदमी पार्टी सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नशे की समस्या को खत्म करने में विफल रही है, जिसके कारण युवाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
ढिल्लों ने कहा कि नशे के साथ गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने पंजाब से नशे की समस्या खत्म करने के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब में किसान, युवा और कर्मचारी समेत विभिन्न वर्ग समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ढिल्लों ने दावा किया कि भाजपा सत्ता में आने पर पंजाब को नशामुक्त करने और राज्य के विकास को गति देने के लिए काम करेगी।
नशामुक्त पंजाब रैली में पंजाब भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें तरुण चुघ, संदीप पाठक, राघव चड्ढा, सतनाम सिंह संधू, अशोक कुमार मित्तल, विक्रम सिंह साहनी, हरभजन सिंह, अनिल सरीन, मनप्रीत सिंह बादल, मनोरंजन कालिया, इकबाल सिंह लालपुरा, राणा गुरमीत सिंह सोढी, सोम प्रकाश, मनजिंदर सिंह सिरसा, रवनीत सिंह बिट्टू, विनीत जोशी, दिनेश बब्बू, जीवन गर्ग, अमनजोत कौर और चरणजीत सिंह अटवाल सहित कई नेता शामिल रहे।
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