चंडीगढ़/बरनाला, 28 मई 2026
पंजाब में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी हाईकमान ने गुरुवार को उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की। इसके साथ ही पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरणों और संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा नेतृत्व ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पार्टी पंजाब में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने, खासकर ग्रामीण और मालवा क्षेत्र में विस्तार करने की रणनीति पर काम कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा की कमान सौंपना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सिख चेहरे पर भाजपा का बड़ा दांव
भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में सिख नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केवल सिंह ढिल्लों जाट सिख समुदाय से आते हैं और मालवा बेल्ट में मजबूत राजनीतिक प्रभाव रखते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा पंजाब में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए सिख नेतृत्व को प्रमुखता दे रही है।
पार्टी ने मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होने से पहले ही नए नेतृत्व पर फैसला कर लिया। सूत्रों के अनुसार, केवल सिंह ढिल्लों के नाम पर लंबे समय से सहमति बन चुकी थी। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ लगातार पंजाब में सिख चेहरे को आगे लाने की वकालत कर रहे थे। वहीं, पंजाब में आरएसएस के प्रभारी मंत्री श्रीनिवासलु भी उनके नाम के पक्ष में बताए जा रहे हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी पंजाब में पार्टी कार्यक्रमों के दौरान सिख नेतृत्व को मजबूत करने की बात कर चुके थे।
बरनाला के तल्लेवाल गांव से राष्ट्रीय राजनीति तक
केवल सिंह ढिल्लों का संबंध पंजाब के बरनाला जिले के तल्लेवाल गांव से है। उनका जन्म 16 मई 1950 को हुआ था। वह पंजाब के प्रमुख उद्योगपति परिवारों में गिने जाते हैं और ढिल्लों ग्रुप के प्रमुख हैं। कारोबार के साथ-साथ उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में भी प्रभावशाली भूमिका निभाई है।
उनकी शुरुआती शिक्षा बरनाला में हुई। राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उन्होंने मालवा क्षेत्र में मजबूत जनाधार तैयार किया। उन्हें विकासवादी सोच और प्रशासनिक पकड़ वाले नेता के तौर पर भी देखा जाता है।
कांग्रेस से भाजपा तक का राजनीतिक सफर
केवल सिंह ढिल्लों लंबे समय तक कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे। वह पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी नेताओं में शामिल माने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बरनाला विधानसभा सीट से 2007 और 2012 में जीत दर्ज की थी। हालांकि 2017 विधानसभा चुनाव में उन्हें आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरमीत सिंह मीत हेयर के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने उन्हें बरनाला सीट से टिकट नहीं दिया, जिसके बाद पार्टी के साथ उनके रिश्ते लगातार बिगड़ते चले गए। फरवरी 2022 में कांग्रेस ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर कर दिया। इसके बाद जून 2022 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें पंजाब भाजपा का उपाध्यक्ष बनाया। उन्होंने 2022 के संगरूर लोकसभा उपचुनाव और 2024 के बरनाला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव भी लड़ा।
संगठन और मालवा क्षेत्र में मजबूत पकड़
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केवल सिंह ढिल्लों की मालवा क्षेत्र में मजबूत पकड़ भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। पंजाब की राजनीति में मालवा क्षेत्र को निर्णायक माना जाता है और राज्य की बड़ी संख्या में विधानसभा सीटें इसी इलाके में आती हैं।
ढिल्लों को विकास कार्यों और क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रिय नेता के रूप में भी जाना जाता है। बरनाला को जिला बनाए जाने का श्रेय भी काफी हद तक उनके प्रयासों को दिया जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा ने पंजाब में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और ग्रामीण वोट बैंक में पैठ बनाने के लिए अनुभवी और प्रभावशाली चेहरे पर दांव लगाया है।
भाजपा के सामने बड़ी चुनौती
हालांकि केवल सिंह ढिल्लों के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी होंगी। पंजाब में भाजपा अभी तक स्वतंत्र रूप से मजबूत जनाधार नहीं बना सकी है। शिरोमणि अकाली दल से अलग होने के बाद पार्टी को ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अकाली दल के बीच भाजपा को अपनी अलग पहचान और मजबूत संगठन खड़ा करना होगा। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को भाजपा की नई राजनीतिक रणनीति और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
नए समीकरणों की शुरुआत
केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति के बाद पंजाब भाजपा में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी अब मालवा क्षेत्र, सिख समुदाय और ग्रामीण वोट बैंक पर विशेष फोकस करती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में संगठन में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि भाजपा पंजाब में नए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के जरिए खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों की ताजपोशी को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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