19 अप्रैल 2026
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास भारतीय झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग की घटना से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में तैनात ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शनिवार (18 अप्रैल 2026) को ईरानी बलों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा और सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।
शिपिंग मंत्रालय ने जिन जहाजों को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है, उनमें सनमार हेराल्ड (कच्चे तेल का टैंकर) और जग अर्नव (बल्क कैरियर) शामिल हैं। मरीन ट्रैफिक के अनुसार, सनमार हेराल्ड इराक से लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था, जबकि जग अर्नव सऊदी अरब के अल-जुबैल से रवाना हुआ था।
बताया जा रहा है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाओं ने इन जहाजों पर फायरिंग की, जिसके बाद दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा। घटना के बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अन्य भारतीय जहाजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है।
इस बीच, भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस घटना की जानकारी से इनकार किया, लेकिन कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते मजबूत हैं और किसी भी मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत के साथ बैठक में इस घटना पर भारत की गहरी चिंता जताई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा है, खासकर ईरान द्वारा स्ट्रेट को खोलने के ऐलान के बाद। इस ताजा घटना ने भारत-ईरान संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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