Close Menu
  • Home
  • Latest News
  • India
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Health
  • Sports

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, एक दिन में 105 नए मरीज

August 25, 2026

आम आदमी पार्टी ने पंजाब को हर क्षेत्र में बर्बाद किया, भाजपा बनेगी पंजाब की आवाज़: बी.एल. संतोष

August 25, 2026

शीतल अंगुराल ने अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम को दी शुभकामनाएं

August 24, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Hindi News ExpressHindi News Express
  • Home
  • Latest News
  • India
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Health
  • Sports
WhatsApp
Hindi News ExpressHindi News Express
Home » Politics » भारत-अमेरिका व्यापार समझौता  पंजाब और देश के किसानों को बर्बाद कर देगा : भगवंत मान

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता  पंजाब और देश के किसानों को बर्बाद कर देगा : भगवंत मान

HNE News DeskBy HNE News DeskMarch 10, 2026
Share Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Copy Link
96287591 d974 41d1 bbed d0b37132837c - Hindi News Express
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp
  • भारत-अमेरिका व्यापार समझौता  पंजाब और देश के किसानों को बर्बाद कर देगा : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तीन काले कृषि कानूनों से भी अधिक खतरनाक : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – भारत के कृषि बाज़ार को अमेरिका के लिए खोलकर मोदी सरकार देश को विदेशी ताकतों के रहमो-करम पर छोड़ने का लाइसेंस दे रही है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कौन-सी कमजोरी पता चल गई है कि अमेरिका उनसे जो चाहता है, करवा रहा है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – पंजाब के आरडीएफ, जीएसटी और एनएचएम फंड रोककर मोदी सरकार किसान आंदोलन का बदला ले रही है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – जब अमेरिकी सोयाबीन, मक्का, कपास और अन्य कृषि उत्पाद भारत में सस्ते बिकने लगेंगे तो हमारे किसान उनसे मुकाबला कैसे करेंगे ? :  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – क्या भारत को वॉशिंगटन के व्हाइट हाउस से चलाया जा रहा है, जो हमें रूस से तेल खरीदने की अनुमति दे रहा है ? : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – पंजाब विधानसभा ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया

 

चंडीगढ़, 10 मार्च 2026:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रस्तावित भारत‑अमेरिका व्यापार समझौता देश के कृषि क्षेत्र के लिए तीन विवादित कृषि कानूनों से भी अधिक खतरनाक साबित हो सकता है, जिनके कारण ऐतिहासिक किसान आंदोलन शुरू हुआ था। पंजाब विधानसभा में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारत का बाज़ार खोलना पंजाब सहित पूरे देश के किसानों के लिए गंभीर चुनौती बन जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह समझौता लागू हुआ तो भारतीय किसानों को अमेरिकी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए अत्यधिक संघर्ष करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता भारत की कृषि संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा है और इससे देश का कृषि क्षेत्र विदेशी शक्तियों के प्रभाव में आ सकता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के संभावित नकारात्मक प्रभावों को देखते हुए पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है।

सदन को संबोधित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह समझौता केंद्र सरकार द्वारा पहले लाए गए तीन कृषि कानूनों से भी अधिक खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि पहले ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में प्रवेश करके देश को आर्थिक रूप से लूटा था और अब ऐसा प्रतीत होता है कि एक तरह की “वेस्ट इंडिया कंपनी” भारत की कृषि व्यवस्था में प्रवेश करने की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस प्रस्तावित समझौते के बारे में संबंधित राज्यों से न तो सलाह की गई और न ही उन्हें इस बारे में कुछ बताया गया। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका समझौते को लेकर अब तक किसी भी राज्य सरकार से कोई परामर्श नहीं किया गया है और न ही किसी को इसकी जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि पता नहीं इस मामले में प्रधानमंत्री जी की क्या मजबूरी है। उन्होंने कहा कि इससे सभी को यह सोचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि क्या भारत के फैसले अब व्हाइट हाउस के हस्तक्षेप से लिए जा रहे हैं और क्या केंद्र सरकार का रिमोट विदेशी ताकतों के हाथों में है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि जिस तरह से बड़ी से बड़ी बात भी विदेशी नेताओं के साथ साझा की जा रही है, वह अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब भारत-पाकिस्तान युद्धविराम हुआ था, तो इसकी जानकारी सबसे पहले डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक ट्वीट के माध्यम से साझा की गई थी, जबकि भारत को बाद में इस बारे में पता चला। यह स्थिति केंद्र सरकार के कामकाज पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।

समझौते के कृषि प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डीडीजीएस और सोयाबीन तेल जैसे फीड विकल्पों का सस्ता आयात मक्का और सोयाबीन की कीमतों को काफी हद तक गिरा सकता है, जिससे पंजाब में फसल विविधीकरण के प्रयासों को बड़ा झटका लग सकता है। उन्होंने आगे कहा कि भले ही कपास के आयात को कोटा के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है, फिर भी यह कपास की कीमतों में गिरावट का कारण बन सकता है, जिससे पंजाब के मालवा क्षेत्र के कपास किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ गैर-शुल्क (नॉन-टैरिफ) शर्तों में ढील देने से जीएमओ सामग्री के प्रवेश तथा नए कीटों, फसल रोगों और खतरनाक खरपतवारों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति पंजाब के कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में कृषि संरचना भारत की तुलना में काफी अलग है। अमेरिका की कृषि विशाल खेतों, उच्च सब्सिडी और पैमाने की अर्थव्यवस्था पर आधारित है, जो उत्पादकों को कम कीमतों पर भी निर्यात करने में सक्षम बनाती है। ऐसी स्थिति में पंजाब के किसानों के लिए अमेरिकी कृषि उत्पादों से मुकाबला करना बेहद कठिन हो जाएगा।

उन्होंने बताया कि अमेरिका से पशुओं के चारे के लिए सोया फीड कथित तौर पर बड़ी मात्रा में आयात किया जाएगा। “पंजाब लगभग 1.25 लाख हेक्टेयर में मक्का की खेती करता है और इस समझौते से मक्का तथा सोयाबीन दोनों फसलों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी तरह अमेरिका से कपास का आयात पंजाब के किसानों को बहुत प्रभावित कर सकता है, जहां लगभग 2.5 लाख एकड़ में कपास की खेती होती है।”

खेतों के आकार और सब्सिडी में असमानता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अमेरिका में औसत किसान के पास लगभग 500 एकड़ भूमि होती है और अमेरिकी किसानों को भारतीय किसानों की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत अधिक सब्सिडी मिलती है। इसके विपरीत पंजाब के किसानों के पास आमतौर पर केवल दो से ढाई एकड़ जमीन होती है, जिससे उनके लिए अमेरिकी उत्पादों का मुकाबला करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) से संबंधित प्रावधानों के कारण किसान अगले फसल सीजन के लिए बीज नहीं बचा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “किसानों को अगले फसल सीजन के लिए बीज बचाने की अनुमति नहीं होगी क्योंकि बीज पेटेंट सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे। किसान इसके कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ग्राहक बन जाएंगे और बीज डीलरों को नए लाइसेंस लेने की जरूरत पड़ेगी। इस समझौते से विदेशी कंपनियों को कृषि क्षेत्र में पैर पसारने का अवसर मिल जाएगा।”

प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टिप्पणी की, “प्रधानमंत्री अक्सर ऐसे देशों का दौरा करते हैं जिनके नाम बहुत से लोगों ने कभी सुने भी नहीं होते। ये दौरे लगभग 10,000 की आबादी वाले छोटे देशों में आयोजित शो जैसे लगते हैं। ऐसे देशों में घूमने के बजाय उन्हें भारत के 1.25 अरब लोगों की आवाज़ सुनने पर ध्यान देना चाहिए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री के वन्यजीव कार्यक्रम में आने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डिस्कवरी चैनल जैसे प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए किया जा रहा था। ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि एक बार अमेरिका से आयात की गई गेहूं के साथ खतरनाक “कांग्रेस बूटी” भी आ गई थी, जो आज भारत में एक बड़ी समस्या बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने आगे चिंता जताई कि केंद्रीय बजट में कृषि के हिस्से में भारी कटौती की गई है। उन्होंने कहा, “कभी कृषि को केंद्रीय बजट का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था, लेकिन अब इसे घटाकर लगभग 7 प्रतिशत कर दिया गया है।” इसके साथ ही भारतीय फलों और कृषि उत्पादों को विदेशों में सख्त परीक्षण से गुजरना पड़ता है, जबकि अमेरिका से आयात किए गए उत्पादों को अक्सर वहां स्वीकृत प्रयोगशालाओं के माध्यम से ही मंजूरी दे दी जाती है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि जब विपक्ष संसद में मुद्दे उठाता है तो उनकी आवाज़ अक्सर दबा दी जाती है। उन्होंने टिप्पणी की कि भारत को “विश्व गुरु” बनाने के बजाय नरेंद्र मोदी की सरकार “विश्व चेला” बनने की दिशा में बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र का पंजाब के प्रति नजरिया राज्य के साथ की जा रही अनदेखी को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हालांकि बाढ़ के दौरान पंजाब को पर्याप्त फंड नहीं मिले, लेकिन अफगानिस्तान को वित्तीय सहायता प्रदान की गई। केंद्र ने पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ), जीएसटी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से संबंधित फंड अभी तक जारी नहीं किए हैं।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चंडीगढ़ और पंजाब विश्वविद्यालय पर कब्जा करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि केंद्र सरकार में ज्यादातर फैसले केवल दो नेताओं—प्रधानमंत्री और गृह मंत्री—द्वारा ही लिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब उन्होंने अनाज भंडारों की लिफ्टिंग और खाद की आपूर्ति के संबंध में केंद्रीय मंत्रियों से संपर्क किया तो उन्होंने जवाब दिया कि इसके लिए उच्च नेतृत्व से मंजूरी आवश्यक है। उन्होंने भारत की विदेश नीति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया, जो देश की स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

उन्होंने पहले किए गए विरोध के बावजूद रक्षा क्षेत्र में 51 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देने के फैसले की भी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी इमारतों और शहरों के नाम बदलने के बजाय केंद्र को लोगों के जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार के खिलाफ बोलने वाले किसी भी व्यक्ति को देशविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है और लोकतंत्र की आवाज़ को दबाया जा रहा है।

पंजाब के कई राजनीतिक नेताओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल, प्रताप सिंह बाजवा और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नेताओं ने पंजाब और पंजाबियों के साथ हो रहे अन्याय पर चुप्पी साध रखी है।

मुख्यमंत्री ने अंत में किसान यूनियनों, कृषि विशेषज्ञों और बुद्धिजीवियों से इस समझौते के खिलाफ एकजुट होने और अपनी आवाज़ बुलंद करने की अपील की। उन्होंने आगे कहा, “भारतीय कृषि के भविष्य की रक्षा करना समय की मांग है। नहीं तो केंद्र सरकार देश और उसके लोगों के अधिकारों को लूटकर उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के सामने गिरवी रख देगी। ऐसा गलत काम न तो स्वीकार्य है और न ही लाभदायक।”पंजाब विधानसभा ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया।

📲 राष्ट्रीय, पंजाब और राजनीति की ताज़ा और प्रमाणिक खबरें सबसे पहले सीधे आपके WhatsApp पर पाएं।

💬 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें
Neeraj Planners
Share. Facebook Twitter Pinterest Email Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleसिलंडर को लेकर आई बड़ी खबर, केंद्र ने लागू किया ESMA
Next Article आयु-आधारित सोशल मीडिया उपयोग नियम बनाने की वकालत
HNE News Desk
  • Website

Hindi News Express पर पढ़ें राष्ट्रीय, पंजाब, जालंधर, राजनीति, खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा व प्रमाणिक हिंदी खबरें।

Related Posts

मान सरकार की ओर से बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा; नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं के खातों में डाली जाएगी ‘सम्मान राशि’

August 24, 2026

पंजाब चुनाव से पहले अकाली-भाजपा गठबंधन की सुगबुगाहट तेज

August 21, 2026

पंजाब बंद को लेकर बड़ा ऐलान: कई स्कूलों-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा, SGPC-अकाली दल ने दिया समर्थन

August 20, 2026
Don't Miss

आम आदमी पार्टी ने पंजाब को हर क्षेत्र में बर्बाद किया, भाजपा बनेगी पंजाब की आवाज़: बी.एल. संतोष

HNE News DeskAugust 25, 2026

➖ कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में नाकाम, पंजाब के लोगों का सहारा बनेगी भाजपा:…

शीतल अंगुराल ने अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम को दी शुभकामनाएं

August 24, 2026

मान सरकार की ओर से बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा; नई रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं के खातों में डाली जाएगी ‘सम्मान राशि’

August 24, 2026

जिसे दुनिया ने समझा गरीब, मौत के बाद घर से निकली 8.40 लाख की जमा-पूंजी

August 24, 2026
About Us
About Us

HINDI NEWS EXPRESS एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो राष्ट्रीय, पंजाब, जालंधर, राजनीति, खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा एवं प्रमाणिक खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाता है।

हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्य आधारित और तेज़ अपडेट के साथ जनहित में समाचार प्रदान करना है। हम पारदर्शी और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हमारा संपर्क: +91 76965-22008

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp RSS
Important Links
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Code of Ethics
  • Editorial Policy
  • Grievance
  • Contact Us
Most Popular

Vedanta Demerger News: वेदांता कंपनी ने किया बड़ा ऐलान; निवेशकों को मिलेंगे मुफ्त के शेयर, जानिए कैसे ?

September 29, 2023

Business News Today: प्याज को लेकर बड़ी खबर – मोदी सरकार के नए फैसले से किसानों की होगी बम्पर कमाई

October 1, 2023

21 IIT Guwahati Researchers Among Stanford University’s World’s Top 2% Scientists List

October 12, 2022
© 2026 Hindi News Express. All Rights Reserved. Designed by iTree Network Solutions. +91-86992-35413

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.