संजीव अरोड़ा और चंद्रशेखर अग्रवाल पर छापों के बाद कार्रवाई, जांच की रफ्तार पर असर की आशंका
21 अप्रैल 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल कार्यालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने एक साथ 13 अधिकारियों का तबादला कर दिया है, जिससे कार्यप्रणाली और चल रही जांचों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह फेरबदल ऐसे समय पर हुआ है जब हाल ही में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और रियल एस्टेट कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल से जुड़े मामलों में ईडी ने छापेमारी की थी। इन कार्रवाइयों के तुरंत बाद इतने बड़े स्तर पर तबादलों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, सामान्य तौर पर वार्षिक प्रक्रिया के तहत एक जोन से दो-तीन अधिकारियों का ही स्थानांतरण किया जाता है, लेकिन इस बार विभिन्न रैंक के 13 अधिकारियों को एक साथ जालंधर से बाहर भेज दिया गया। इनमें कुछ अधिकारी ऐसे भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में जॉइन किया था और उनका कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सम्मन भेजे जाने के बाद जालंधर के जॉइंट डायरेक्टर रवि तिवारी का तबादला चेन्नई कर दिया गया था। अब उनकी जगह दिनेश पुरुचुरी को जालंधर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जो फिलहाल दिल्ली से ही कामकाज देख रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मार्च के अंत तक 12 अन्य कर्मचारियों को भी रिलीव कर दिया गया, जिन्हें बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और जम्मू जैसे शहरों में तैनात किया गया है। इसके अलावा कम से कम पांच प्रवर्तन अधिकारियों (EO) का भी ट्रांसफर किया गया है।
हालांकि, नए अधिकारियों की तैनाती की प्रक्रिया जारी है, लेकिन उनके जॉइन करने में देरी के चलते फिलहाल जालंधर कार्यालय में स्टाफ की कमी बनी हुई है। इससे चल रही जांचों की रफ्तार प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
ईडी के इस बड़े प्रशासनिक बदलाव ने विभाग के भीतर हलचल तेज कर दी है और इसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं भी बढ़ गई हैं।
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