जालंधर, 2 सितंबर 2026
दिल्ली का झूठा ईमानदारी मॉडल शुरू से ही एक नकली ब्रांडिंग था, जिसकी पोल अब पंजाब में भी खुल चुकी है। यह बात भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दाख़िल की गई विस्तृत रिपोर्ट पर आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कही।
ढिल्लों ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने वर्षों तक “कट्टर ईमानदार” होने का ढोल पीटा, लेकिन दिल्ली शराब घोटाले में ख़ुद जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे। अब वही नकली ईमानदारी मॉडल पंजाब में दोहराया जा रहा है। ED की रिपोर्ट के मुताबिक़ मुख्यमंत्री के ख़ास OSD IAS और IPS अधिकारियों के तबादलों-पोस्टिंगों के पूरे रैकेट का नेतृत्व कर रहे थे। दिल्ली में शराब और पंजाब में तबादलों का धंधा — खेल वही पुराना है।
उन्होंने खुलासा किया कि ED की रिपोर्ट में गुप्त सरकारी दस्तावेज़ लीक करने, पैसे लेकर असला लाइसेंस दिलवाने, सरकारी टेंडरों में हेराफेरी और ज़मीनी सौदों में धांधली जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह पूरा धंधा मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी सरपरस्ती में चल रहा था, जो बिना उच्च राजनीतिक संरक्षण के संभव ही नहीं था।
प्रदेश प्रधान ने बताया कि ED ने पंजाब पुलिस को 7 बार पत्र लिखकर FIR दर्ज करने की मांग की, लेकिन आज तक एक भी FIR दर्ज नहीं हुई। “अगर मुख्यमंत्री का दफ़्तर सचमुच पाक-साफ़ होता, तो 7 पत्रों के बाद भी पंजाब पुलिस कार्रवाई करने से क्यों कांपती? यह चुप्पी ही भगवंत मान की मिलीभुगत का सबसे बड़ा सबूत है।”
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि जिस तरह किसी चीज़ के बिकने की मंडी लगती है, पंजाब में आम आदमी पार्टी के राज में अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंगों की भी मंडी लगा दी गई है। यहां दलाल और बिचौलिए सिस्टम चला रहे हैं और मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर पूरे पंजाब को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया है।
ढिल्लों ने यह भी आरोप लगाया कि सच्चाई सामने आने से रोकने के लिए मुख्यमंत्री के OSD द्वारा बड़े मीडिया संस्थानों को क़ानूनी नोटिस भेजकर ख़बरें हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया की आवाज़ दबाने की कोशिश ही बताती है कि सरकार के पास छुपाने के लिए बहुत कुछ है।
उन्होंने कहा कि जहां भी ‘आप’ की सत्ता है, वहीं भ्रष्टाचार है, जो पंजाब के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा है। भाजपा ने स्पष्ट मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफ़ा दें। भगवंत मान को अब नैतिकता के आधार पर इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने इस पूरे तबादला-रैकेट की CBI जांच करवाए जाने के साथ-साथ सभी दोषियों के ख़िलाफ़ तुरंत FIR दर्ज करने की भी मांग की।
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