24 घंटे में मरीजों की संख्या 15 से बढ़कर 120 पहुंची, स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई; स्कूलों को भी संक्रमण रोकने के निर्देश
दिल्ली, 25 अगस्त 2026। देश की राजधानी और दिल्ली-NCR में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में मंगलवार को एक ही दिन में स्वाइन फ्लू के 105 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही मरीजों की संख्या बढ़कर 120 हो गई है। सोमवार को जिले में स्वाइन फ्लू के केवल 15 मरीज दर्ज किए गए थे। महज 24 घंटे में मामलों में हुई इस तेज बढ़ोतरी को स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से ले रहा है।
डाक्टरों के अनुसार मंगलवार को सामने आए मरीजों की जांच निजी अस्पतालों में कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग अब निजी अस्पतालों से मरीजों की जांच रिपोर्ट और अन्य आवश्यक जानकारी जुटा रहा है। संक्रमित मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दिल्ली में 2 हजार से ज्यादा मामले
राजधानी दिल्ली में भी इस साल स्वाइन फ्लू के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब तक दिल्ली में करीब 2,000 से अधिक मामले सामने आने की बात कही जा रही है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, अभी तक दिल्ली में स्वाइन फ्लू से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन दिल्ली-NCR में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्वाइन फ्लू H1N1 वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले लोगों में संक्रमण का जोखिम और गंभीर बीमारी की आशंका अधिक हो सकती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। इनमें तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान शामिल हो सकते हैं।
यदि सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या हालत तेजी से बिगड़ने जैसे संकेत दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में विशेष सावधानी जरूरी है।
इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए खानपान पर दें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक संक्रमण से बचाव के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली पर भी ध्यान देना चाहिए। डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, पर्याप्त प्रोटीन और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।
वहीं जंक फूड, अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ और बहुत ज्यादा शुगर वाले भोजन का सेवन सीमित करना बेहतर है। शराब और धूम्रपान से दूरी बनाना भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
मास्क और हाथों की सफाई जरूरी
स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए भीड़भाड़ वाली जगहों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। सार्वजनिक परिवहन या अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
बाहर से घर लौटने के बाद साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोने चाहिए। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए। पर्याप्त नींद और आराम लेना भी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
स्कूलों के लिए भी जारी की गई एडवाइजरी
संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए स्कूल परिसरों में भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों को छात्रों और स्टाफ के बीच स्वच्छता तथा संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने को कहा गया है।
छात्रों को नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर और भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा कक्षाओं, डेस्क, दरवाजों के हैंडल, स्विच और अन्य बार-बार छुई जाने वाली सतहों की नियमित सफाई और सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए गए हैं। बीमार या फ्लू जैसे लक्षणों वाले छात्रों से उचित दूरी बनाए रखने और संक्रमण के संभावित प्रसार पर नजर रखने को भी कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें। फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें और संक्रमण फैलने की आशंका होने पर दूसरों के संपर्क को सीमित रखें।
📲 राष्ट्रीय, पंजाब और राजनीति की ताज़ा और प्रमाणिक खबरें सबसे पहले सीधे आपके WhatsApp पर पाएं।
💬 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें

