जानें नौ दिनों की तिथियां, पूजा विधि और कन्या पूजन का महत्व
18 मार्च 2026
हिंदू धर्म में आस्था, भक्ति और शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च, शुक्रवार तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
नवरात्रि की शुरुआत प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना (कलश स्थापना) से होती है, जिसे पूजा का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर देवी का आह्वान किया जाता है और अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है। मान्यता है कि सही समय पर घटस्थापना करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवरात्रि की शुरुआत शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे विशेष शुभ संयोगों में हो रही है। इसके साथ ही खरमास और पंचक का संयोग भी रहेगा, जिससे इस बार का पर्व और अधिक फलदायी और खास माना जा रहा है।
नवरात्रि के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। भक्त पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, आरती करते हैं और देवी से सुख, शांति व समृद्धि की कामना करते हैं।
चैत्र नवरात्रि के साथ ही विक्रम संवत 2083 का भी शुभारंभ होगा। इस वर्ष अधिकमास के कारण संवत 13 महीनों का रहेगा, जो इसे विशेष बनाता है।
नवरात्रि के 9 दिन और 9 रंग
- पहला दिन (मां शैलपुत्री): पीला रंग – खुशहाली और सकारात्मकता
- दूसरा दिन (मां ब्रह्मचारिणी): हरा रंग – शांति और समृद्धि
- तीसरा दिन (मां चंद्रघंटा): ग्रे रंग – संतुलन और स्थिरता
- चौथा दिन (मां कुष्मांडा): नारंगी रंग – ऊर्जा और उत्साह
- पांचवां दिन (मां स्कंदमाता): सफेद रंग – पवित्रता और शांति
- छठा दिन (मां कात्यायनी): लाल रंग – साहस और शक्ति
- सातवां दिन (मां कालरात्रि): नीला रंग – आत्मविश्वास और ताकत
- आठवां दिन (मां महागौरी): गुलाबी रंग – प्रेम और करुणा
- नौवां दिन (मां सिद्धिदात्री): बैंगनी रंग – आध्यात्मिकता और समृद्धि
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