राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला: केजरीवाल, सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी
- सबूतों के अभाव में अदालत ने सभी आरोपियों को दी राहत; CBI ने फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती, राजनीति में तेज हुई हलचल*
नई दिल्ली:
राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि आरोपों के समर्थन में ठोस और पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए, इसलिए केवल आरोपों के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती।
जांच एजेंसी ने फैसले के लगभग छह घंटे बाद ही दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर कर दी। इसके अलावा अदालत ने तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की पुत्री के. कविता के खिलाफ भी मामला बंद करने का आदेश दिया।
इस मामले में आरोपी कौन–कौन थे?
इस केस में जिन प्रमुख आरोपियों को बरी किया गया, उनमें के. कविता, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मोथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल, अर्जुन पांडे, बूचीबाबू गोरंथला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रेयात, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और शरत चंद्र रेड्डी शामिल हैं।
अदालत की सख्त टिप्पणी
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य कमजोर और अपर्याप्त पाए गए। कोर्ट ने यह भी माना कि मामले में न तो कोई स्पष्ट आपराधिक षड्यंत्र सामने आया और न ही ऐसा विश्वसनीय प्रमाण मिला जिससे आरोप सिद्ध हो सकें।
फैसले के दौरान अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को भी फटकार लगाई और कहा कि एजेंसी आरोपों को साबित करने में विफल रही है। अदालत ने दोहराया कि न्याय केवल ठोस और प्रमाणिक साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है, न कि अनुमानों पर।
CBI ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
फैसले के तुरंत बाद CBI ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने का निर्णय लिया। एजेंसी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर आदेश को रद्द करने की मांग की है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया उच्च न्यायालय में चलेगी।
केजरीवाल भावुक, बोले— ‘सिर्फ ईमानदारी कमाई’
अदालत से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया से बातचीत के दौरान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा,
“मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज यह साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि यह लड़ाई सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक भी थी और आज सच की जीत हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए देश और संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। देश में महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कों और प्रदूषण जैसी समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है।
सिसोदिया बोले— संविधान पर गर्व
मनीष सिसोदिया ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें देश के संविधान और उसके मूल्यों पर गर्व है। उन्होंने बी. आर. अंबेडकर को याद करते हुए कहा,
“हमें एक बार फिर गर्व हो रहा है अपने संविधान पर, जिसने हर नागरिक को न्याय दिलाने की ताकत दी। सच की फिर से जीत हुई है।”
राजनीतिक और कानूनी असर
यह फैसला दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। जहां एक ओर आम आदमी पार्टी इसे नैतिक और राजनीतिक जीत के रूप में देख रही है, वहीं दूसरी ओर CBI के हाईकोर्ट जाने से मामला अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
अब सबकी निगाहें दिल्ली उच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा या उसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
📲 राष्ट्रीय, पंजाब और राजनीति की ताज़ा और प्रमाणिक खबरें सबसे पहले सीधे आपके WhatsApp पर पाएं।
💬 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें
