नई दिल्ली: देश की राजनीति में ऐसे कई घटनाक्रम घटित हुए हैं जिनके बाद विभिन्न क्षेत्रों में अवार्ड प्राप्त करने वाली शख्सीयतें अपना अवार्ड सरकार को वापस कर देती हैं। अब ऐसे ही घटनाक्रमों पर रोक लगेगी और राजनीतिक एजेंड के तहत सरकार को अवार्ड वापस नहीं किया जा सकेगा। इस संबंधी सिफारिश जेडीयू सांसद संजय झा की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने की है कि अब उसी व्यक्ति को अवॉर्ड दिया जाए जो शपथ पत्र भरकर संकल्प ले कि वह राजनीतिक एजेंडे के तहत पुरस्कार वापस नहीं करेगा। दरअसल पुरस्कार लौटाने जैसी घटनाएं अन्य पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों को कमतर करती हैं और पुरस्कारों की प्रतिष्ठा और ख्याति पर भी असर डालती हैं।
पिछले साल भी समिति की एक ऐसी व्यवस्था बनाने की सिफारिश सामने आई थी जिसमें पुरस्कार देने से पहले अवॉर्ड पाने वाले कलाकार, लेखक और अन्य बुद्धिजीवी से इस बात की सहमति ले ली जाए कि वह भविष्य में पुरस्कार वापस नहीं करेंगे। उन्होंने पुरस्कार वापसी के मुद्दे को देश का अपमान बताया है।
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