न्यू टाउन से बीरभूम तक हिंसा की आग, तीन मौतों से हालात गंभीर
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राज्यभर में हिंसा भड़क उठी है। अलग-अलग जिलों से हत्या, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। इस हिंसा में भारतीय जनता पार्टी के दो और तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है।
🔵 न्यू टाउन में भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या
कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई। बताया गया कि विजय जुलूस के दौरान बहस के बाद उन पर हमला किया गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।इस घटना के बाद भाजपा समर्थक भड़क उठे और इलाके में विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात काबू में करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।
🟢 बीरभूम के नानूर में TMC कार्यकर्ता की हत्या
वहीं बीरभूम जिले के नानूर क्षेत्र में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले में टीएमसी विधायक ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि भाजपा नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🟠 हावड़ा में एक और मौत, कई जगहों पर हमले
हावड़ा के उदय नारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की मौत का मामला भी सामने आया है। परिवार का आरोप है कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने को लेकर उन पर हमला किया गया।
इसके अलावा उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और कोलकाता के कई इलाकों में पार्टी कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं।टालीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री के चुनाव कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। कस्बा के रूबी क्रॉसिंग पर टीएमसी पार्षद के दफ्तर पर भी हमला हुआ।कुछ इलाकों में भीड़ द्वारा मूर्तियां तोड़ने और कब्जे की घटनाएं भी सामने आई हैं, हालांकि कई मामलों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा का आरोप लगाया है और इसे “आतंक फैलाने की साजिश” बताया है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह टीएमसी के अंदरूनी संघर्ष का परिणाम हो सकता है।
⚫ चुनाव आयोग सख्त, सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
निर्वाचन आयोग ने हिंसा की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय बलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि: संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई जाए । राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए । हिंसा में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई हो
आयोग ने साफ कहा कि निष्पक्ष चुनाव केवल मतदान और मतगणना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चुनाव के बाद शांति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
चुनाव परिणामों के बाद अभी राज्य में नई सरकार का गठन होना बाकी है, लेकिन उससे पहले ही हिंसा ने हालात को गंभीर बना दिया है। राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती टकराव और जमीनी स्तर पर हिंसा ने कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी है।
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