भीख मांगकर जोड़ा खजाना, मौत के बाद खुला बुजुर्ग महिला का राज
मांड्या (कर्नाटक)। कर्नाटक के मांड्या शहर के गुथालू इलाके में 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला नूर उन्नीसा की मौत के बाद ऐसा सच सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस महिला ने जिंदगीभर भीख मांगकर अपना गुजारा किया, उसने अपनी छोटी-छोटी बचत से 8 लाख 40 हजार रुपये जमा कर रखे थे।
नूर उन्नीसा कई वर्षों से मांड्या की सड़कों और ट्रैफिक चौराहों पर भीख मांगती थीं। वह अपनी बहन के साथ किराए के मकान में रहती थीं। दोनों बहनों ने शादी नहीं की थी। करीब दो साल पहले बहन की मौत के बाद नूर उन्नीसा घर में बिल्कुल अकेली रह गई थीं।
बुढ़ापे और उम्र से जुड़ी बीमारी के कारण 19 अगस्त को नूर उन्नीसा का निधन हो गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया। इसके बाद जब रिश्तेदार उनके किराए के घर पहुंचे और सामान की तलाश शुरू की, तो वहां उन्हें पैसों से भरे कई बैग मिले।
बैगों में बड़ी संख्या में सिक्के और नोट रखे हुए थे। बताया गया कि नूर उन्नीसा भीख में मिले सिक्कों को वर्षों से जमा करती आ रही थीं। पैसे इतने अधिक थे कि उन्हें गिनने में दर्जनों लोगों को करीब दो दिन लग गए।
बाद में घर से मिले पैसों के साथ उनके बैंक खाते में जमा रकम को भी जोड़ा गया। दोनों को मिलाकर नूर उन्नीसा की कुल बचत 8.40 लाख रुपये निकली।
रिपोर्ट के मुताबिक, रिश्तेदारों की मौजूदगी में मस्जिद में भी पैसे गिने गए। इस दौरान पुलिस और समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। इसके बाद रकम उनके रिश्तेदारों को सौंप दी गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नूर उन्नीसा बेहद साधारण जीवन जीती थीं और लंबे समय तक अकेले रहकर अपना गुजारा करती रहीं। उनके निधन के बाद सामने आई यह बचत इस बात की गवाही देती है कि उन्होंने भीख में मिले एक-एक सिक्के को संभालकर रखा था। पुलिस ने बताया कि नूर उन्नीसा की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी, इसलिए इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया।
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