जालंधर, 5 अगस्त 2026
पूर्व सांसद एवं पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष श्वेत मलिक ने बुधवार को जालंधर में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में पंजाब की भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और उसने उद्योगपतियों, व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों सहित समाज के हर वर्ग से किए गए वादे पूरे नहीं किए।
प्रेस कांफ्रेंस में जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की, पंजाब भाजपा उपाध्यक्ष राकेश राठौर, पंजाब भाजपा सचिव सरदार अमरजीत सिंह अमरी, करमजीत कौर चौधरी, सुशील शर्मा, रमन पब्बी, राजेश कपूर, अमरजीत सिंह गोल्डी और मनीष कुमार सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
श्वेत मलिक ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने में भी असफल रही है। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के हालिया आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने राज्य सरकार और पीएसपीसीएल की अपील खारिज करते हुए करीब छह लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का बकाया महंगाई भत्ता (डीए/डीआर) निर्धारित समय के भीतर जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने यह भी कहा है कि जब तक कर्मचारियों का पूरा बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक सरकार गैर-जरूरी प्रचार और अन्य अनावश्यक खर्चों से परहेज करे। साथ ही, तय समय में भुगतान न होने पर बकाया राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया गया है। मलिक ने कहा कि मुख्य सचिव को 31 अगस्त तक अदालत में अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों का बकाया रोककर विज्ञापनों और प्रचार पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि कर्मचारियों की मांगें उचित थीं।
श्वेत मलिक ने हाल के महीनों में कर्मचारियों के विभिन्न आंदोलनों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने उनकी मांगों का समाधान करने के बजाय पुलिस बल का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि जुलाई 2026 में बरनाला में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज किया गया, जिसके बाद सरकार को संबंधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित करना पड़ा और एसआईटी गठित करनी पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खन्ना में मनरेगा के अनुबंधित कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि संगरूर में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे वोकेशनल टीचर्स फ्रंट के शिक्षकों पर भी वाटर कैनन चलाया गया और कई शिक्षकों को हिरासत में लिया गया।
मलिक ने कहा कि रोडवेज, बिजली विभाग, आम आदमी क्लीनिक तथा नेशनल हेल्थ मिशन सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एनएचएम कर्मचारियों ने अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री के खिलाफ काले झंडों के साथ विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से वादा करती है कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता और पेंशन का बकाया बिना किसी देरी के दिया जाएगा तथा कर्मचारियों को उनका पूरा अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।
श्वेत मलिक ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशा खत्म करने, पारदर्शी सरकारी भर्तियां करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के अपने चुनावी वादों को पूरा करने में भी विफल रही है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है तथा हाल के महीनों में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पंजाब पर लगातार कर्ज बढ़ रहा है और सरकार नया राजस्व सृजित करने के बजाय उधार लेकर राज्य चला रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये देने के चुनावी वादे का उल्लेख करते हुए मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार ने यह वादा भी पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं के बकाया भुगतान पर जवाब देना चाहिए।
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