Close Menu
  • Home
  • Latest News
  • India
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Health
  • Sports

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचा

March 18, 2026

पंजाब राजस्थान सरकार से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूलेगा

March 18, 2026

पंजाब में संभावित आतंकी हमला टला; दो ग्रेनेडों सहित दो व्यक्ति गिरफ्तार

March 18, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Hindi News ExpressHindi News Express
  • Home
  • Latest News
  • India
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Health
  • Sports
WhatsApp
Hindi News ExpressHindi News Express
Home » Latest News » मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचा

मान सरकार की उपलब्धि: मात्र 4 सालों में भाखड़ा नहर के बराबर पानी राज्य के खेतों तक पहुंचा

HNE News DeskBy HNE News DeskMarch 18, 2026
Share Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp
पहली बार बरसाती नदियों और नालों से 10,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी खेतों तक पहुंचाया गया, जो भाखड़ा नहर द्वारा दिए जाने वाले पानी के बराबर है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
2022 तक नहरी पानी केवल 26.50 प्रतिशत खेतों तक पहुंच रहा था; अब इसे 78 प्रतिशत खेतों तक पहुंचाया गया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली सरकारों की गलतियों के कारण 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर गायब हो गई थी; हमने इसे पुनर्जीवित किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
‘आप’ सरकार ने फिरोजपुर-सरहिंद फीडर में 24×7 पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की, अब किसानों को सिंचाई के लिए अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
आजादी के बाद पहली बार कंडी नहर के माध्यम से 1,446 गांवों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया गया है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

 

चंडीगढ़, 18 मार्च 2026: 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब की सिंचाई व्यवस्था में किए गए ऐतिहासिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने मात्र चार सालों में मौसमी नदियों से 10,000 क्यूसेक पानी सुनिश्चित करके और बंद हो रही नहरी नेटवर्क को पुनर्जीवित करके राज्य के खेतों को भाखड़ा नहर के बराबर पानी की आपूर्ति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में नहरी सिंचाई से केवल 26.50 प्रतिशत सिंचाई हो रही थी, जो बढ़कर आज 78 प्रतिशत हो गई है। इसी के तहत 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर के लंबे समय से बंद पड़े सिस्टम को पुनर्जीवित किया गया है, फिरोजपुर-सरहिंद फीडर के माध्यम से पानी की 24 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित की गई है और आजादी के बाद पहली बार 1,446 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पिछले चार सालों में सिंचाई क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “अप्रैल 2022 से अब तक नहरों की लाइनिंग, मरम्मत, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर 6,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो पंजाब के इतिहास में अब तक किया गया सबसे अधिक खर्च है।” उन्होंने कहा कि पंजाब में नहरी पानी से लगभग 75.90 लाख एकड़ में सिंचाई की जा सकती है, जबकि मार्च 2022 तक केवल 20.89 लाख एकड़ को ही नहरी पानी मिल रहा था, जो महज 26.5 प्रतिशत ही बनता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हमने नहरी पानी से सिंचाई के अंतर्गत रकबा लगभग 58 लाख एकड़ तक बढ़ा दिया है, जिससे नहरी पानी का उपयोग लगभग 78 प्रतिशत हो गया है। यह पहले के आंकड़ों से लगभग तीन गुना है।” उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में उपलब्ध नहरी पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया है।

जमीनी स्तर पर किए गए व्यापक कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “हमने लगभग 13,000 किलोमीटर नहरों के निर्माण और मरम्मत के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिसके कारण नहरी पानी अब 58 लाख एकड़ रकबे तक पहुंच रहा है। इसके साथ लगभग 7,000 खालों को बहाल किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “कुल 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 जल मार्गों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अब राज्य के दूर-दराज वाले खेतों तक भी नहरी पानी पहुंचाया गया है।”

ढांचागत पहलकदमियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार 545 किलोमीटर तक फैलीं 101 बंद पड़ी नहरों को पुनर्जीवित किया गया है। इनमें से बहुत सी नहरें 30 से 40 सालों से बंद थी और मिट्टी से भी भरी हुई थीं। हमने एक इंच जमीन पर कब्जा लिए बिना इन नहरों को बहाल किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि केवल बरसाती नालों को पुनर्जीवित करने से 2.75 लाख एकड़ को नहरी सिंचाई के अंतर्गत लाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा, “पुरानी नहरी प्रणालियों को बहाल करके हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब खेतों तक 10,000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी पहुंच रहा है। वास्तव में हमने बिना कोई जमीन प्राप्त किए नई ‘भाखड़ा नहर’ बना दी है।”

तरनतारन जिले की शानदार उदाहरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण 22 किलोमीटर लंबी सरहाली माइनर नहर पूरी तरह से लुप्त हो गई थी। जब हमारे इंजीनियरों ने काम शुरू किया तो उन्होंने नहर को जमीनदोज पाया। स्थानीय लोग भी इसकी अस्तित्व को भूल गए थे। आज हमने इसे पुनर्जीवित किया और पूरी तरह कार्यशील कर दिया है।”

मुख्य नहरी प्रणालियों को मजबूत करने के बारे में उन्होंने कहा, “फिरोजपुर फीडर नहर, जो वास्तव में 1952 में बनाई गई थी, को रिकॉर्ड 35 दिनों में अपग्रेड किया गया था, जिससे इसकी क्षमता में 2,682 क्यूसेक की वृद्धि हुई है। इसी तरह मालवा की जीवन रेखा मानी जाने वाली सरहिंद नहर, जिसे 1950 के आसपास बनाया गया था, को 75 साल बाद अपग्रेड किया गया है, जिससे इसकी क्षमता में 2,844 क्यूसेक की वृद्धि हुई है।”

उन्होंने आगे कहा, “सरहिंद और पटियाला जैसी बड़ी नहरों की लाइनिंग करके, हमने पानी की उपलब्धता में लगभग 1.5 एमएएफ की वृद्धि की है और यह सुनिश्चित किया है कि राज्य के दूर-दराज के खेतों को भी अब पानी की कमी का सामना न करना पड़े।”किसानों को लंबे समय से परेशान करने वाली समस्याओं के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले नहरों में पानी रोटेशनल आधार पर आपूर्ति किया जाता था, जिससे किसानों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। पहली बार हमने इस प्रणाली को खत्म कर दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को हर रोज पानी मिले।”उन्होंने आगे बताया कि सरकार ने पानी की बराबर वितरण सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़ने पर हरिके पत्तन की ओर नहरों को उल्टी दिशा में चलाया।

कंडी क्षेत्र के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “होशियारपुर में कंडी नहर, जो लगभग 40 सालों से बंद पड़ी थी, को अब पुनः बहाल किया गया है। इलाके के लोग पानी की असली कीमत समझते हैं और इस नहर की पुनर्बहाली से उन्हें बहुत राहत मिली है।” उन्होंने आगे कहा कि नहरी ढांचे के विस्तार के कारण आजादी के बाद अब पहली बार लगभग 1400 गांवों को नहरी पानी मिल रहा है। इनमें से बहुत से गांवों ने 20-50 सालों से नहरी पानी नहीं देखा था।”उन्होंने यह भी बताया कि चीमा माइनर, फिल्लौर माइनर, करमगढ़ लिंक, राजपुरा, पातड़ां, घग्गर और कोटला जैसी नई नहरी प्रणालियों ने क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

बुनियादी ढांचे के विस्तार के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने कई जिलों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8 नई नहरें बनाई हैं और 18 पंप सिस्टम चालू किए हैं।”प्रशासकीय सुधारों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “कुशलता में सुधार लाने के लिए हमने फतेहगढ़ नहर डिवीजन और तरनतारन नहर डिवीजन जैसे समर्पित नहरी पानी और भूजल डिवीजन तैयार किए हैं और जवाबदेही तथा तुरंत अमल सुनिश्चित करने के लिए स्थायी तौर पर अधिकारी तैनात किए गए हैं।”

भूजल संरक्षण के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी कोशिशों के कारण भूजल पर निर्भरता काफी हद तक कम की गई है। गुरदासपुर के एक गांव में भूजल की निकासी 61.48 प्रतिशत से घटकर लगभग 31 प्रतिशत हो गई है, जो एक शानदार उपलब्धि है। इससे आने वाली पीढ़ियों को लाभ होगा।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार का उद्देश्य सतही पानी (सर्फेस वाटर) के उपयोग को और बढ़ाना तथा भूजल स्रोतों पर निर्भरता कम करना है।

आपदा प्रबंधन और पर्यावरण बहाली के बारे में उन्होंने कहा कि बाढ़ की रोकथाम और पानी प्रबंधन के उद्देश्य से 195 कार्यों के लिए राज्य आपदा राहत कोष से 477 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। हमने 199 डी-सिल्टिंग साइटों की पहचान की है और जंगी स्तर पर नालों की सफाई के लिए नई चेन-माउंटेड मशीनें तैनात की हैं।उन्होंने आगे कहा, “सतलुज, रावी और घग्गर जैसी नदियों से गाद निकालने का काम चल रहा है और इसके तहत 245 मिलियन घन फुट गाद निकालने का लक्ष्य है, जिसमें से महत्वपूर्ण प्रगति पहले ही हो चुकी है। इसके अलावा बाढ़ के नुकसान को रोकने के लिए 206 किलोमीटर नदी तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “अवैध कब्जों को रोकने और जान-माल की रक्षा के लिए पंजाब नहर और ड्रेनेज एक्ट, 2023 के तहत 850 में से 849 नालों को नोटिफाई किया गया है।”लंबे समय से रुके बुनियादी ढांचे संबंधी प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “शाहपुर कंडी डैम प्रोजेक्ट, जो 25 सालों से अधिक समय से लटका हुआ था, अब 3394.49 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हो गया है। इससे रणजीत सागर डैम की क्षमता बढ़ेगी और पाकिस्तान के इलाके में बहने वाले हमारे पानी पर रोक लगेगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजबूत स्टैंड लेते हुए कहा, “जिन्होंने पंजाब के पानी के रक्षक होने का दावा किया था, उन्होंने ही हमारे पानी को तबाह कर दिया। हमने अपने पानी और सिस्टम दोनों को पुनर्जीवित किया है।”उन्होंने कहा, “नहरी पानी में आवश्यक खनिज होते हैं और इसकी बढ़ती उपलब्धता फसली उत्पादकता में महत्वपूर्ण सुधार लाएगी। किसान खुश हैं क्योंकि बहुत से लोगों को पहली बार अपने खेतों में नहरी पानी मिला है।”

पंजाब की आध्यात्मिक भावना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हम अपने गुरुओं के महान संदेश ‘पवणु गुरू पाणी पिता माता धरति महतु॥’ से प्रेरणा लेते हैं और हम अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।”उन्होंने आगे कहा कि सिंचाई विभाग को राजस्व उत्पन्न करने वाले मॉडल के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमने पर्यटन को प्रोत्साहित करने और राजस्व उत्पन्न करने के लिए बोटिंग सुविधाएं, आराम घर, हेडवर्क्स और अन्य बुनियादी ढांचे सहित 26 पर्यटन स्थल विकसित किए हैं। इस मौके जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल और अन्य व्यक्तित्व भी मौजूद थे।

📲 राष्ट्रीय, पंजाब और राजनीति की ताज़ा और प्रमाणिक खबरें सबसे पहले सीधे आपके WhatsApp पर पाएं।

💬 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें
Share. Facebook Twitter Pinterest Email Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleपंजाब राजस्थान सरकार से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूलेगा
HNE News Desk
  • Website

Hindi News Express पर पढ़ें राष्ट्रीय, पंजाब, जालंधर, राजनीति, खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा व प्रमाणिक हिंदी खबरें।

Related Posts

पंजाब में संभावित आतंकी हमला टला; दो ग्रेनेडों सहित दो व्यक्ति गिरफ्तार

March 18, 2026

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू, विशेष शुभ योगों में होगी मां दुर्गा की पूजा

March 18, 2026

एफएसएसएआई का सख्त आदेश: बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा दूध

March 18, 2026
Don't Miss

पंजाब राजस्थान सरकार से पानी के इस्तेमाल का 1.44 लाख करोड़ रुपए का बकाया वसूलेगा

HNE News DeskMarch 18, 2026

राजस्थान सरकार पंजाब के पानी का 1.44 लाख करोड़ रुपये का बकाया अदा करे या…

पंजाब में संभावित आतंकी हमला टला; दो ग्रेनेडों सहित दो व्यक्ति गिरफ्तार

March 18, 2026

चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू, विशेष शुभ योगों में होगी मां दुर्गा की पूजा

March 18, 2026

एफएसएसएआई का सख्त आदेश: बिना लाइसेंस नहीं बिकेगा दूध

March 18, 2026
About Us
About Us

HINDI NEWS EXPRESS एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो राष्ट्रीय, पंजाब, जालंधर, राजनीति, खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा एवं प्रमाणिक खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाता है।

हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्य आधारित और तेज़ अपडेट के साथ जनहित में समाचार प्रदान करना है। हम पारदर्शी और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp RSS
Important Links
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Code of Ethics
  • Editorial Policy
  • Grievance
  • Contact Us
Most Popular

Vedanta Demerger News: वेदांता कंपनी ने किया बड़ा ऐलान; निवेशकों को मिलेंगे मुफ्त के शेयर, जानिए कैसे ?

September 29, 2023

Business News Today: प्याज को लेकर बड़ी खबर – मोदी सरकार के नए फैसले से किसानों की होगी बम्पर कमाई

October 1, 2023

21 IIT Guwahati Researchers Among Stanford University’s World’s Top 2% Scientists List

October 12, 2022
© 2026 Hindi News Express. All Rights Reserved. Designed by iTree Network Solutions.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.