Close Menu
  • Home
  • Latest News
  • India
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Health
  • Sports

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

शादी समारोह में भोजन के बाद बीमार हुए लोगों का मामला

May 27, 2026

सीमा पार से हथियार तस्करी करने वाले मॉड्यूल से जुड़े पांच आरोपी 8 पिस्तौलों सहित गिरफ्तार

May 27, 2026

रवनीत बिट्टू का व्यवहार शर्मनाक, घमंडी और पूरी तरह अस्वीकार्य: कुलदीप सिंह धालीवाल

May 27, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Hindi News ExpressHindi News Express
  • Home
  • Latest News
  • India
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Health
  • Sports
WhatsApp
Hindi News ExpressHindi News Express
Home » India » केजरीवाल-सिसोदिया समेत कई लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

केजरीवाल-सिसोदिया समेत कई लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

HNE News DeskBy HNE News DeskMarch 11, 2026
Share Facebook Twitter Email Telegram WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp

केजरीवाल-सिसोदिया समेत कई लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

 

– आबकारी मामले को न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा से हटाकर किसी अन्य बेंच को सौंपने की मांग

 

– न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ पक्षपात के सबूत पेश किए

 

– सुप्रीम कोर्ट ने आबकारी मामले में न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के सभी आदेशों को पलट दिया था

 

– न्याय में निष्पक्षता और जनता का विश्वास सुनिश्चित करने के लिए केस ट्रांसफर करने का आग्रह किया

 

– न्याय व्यवस्था में निष्पक्षता सुनिश्चित करने और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए स्थानांतरण का अनुरोध किया गया है- केजरीवाल

 

नई दिल्ली, 11 मार्च 2026

 

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और दिल्ली आबकारी नीति मामले के कई अन्य आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। उन्होंने इस मामले को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है।

पत्र में उन्होंने तर्क दिया है कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मामले की सुनवाई एक निष्पक्ष बेंच द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इसी आबकारी मामले में जज द्वारा पारित कई आदेशों को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है।

अपने पत्र में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह अनुरोध एक गंभीर और वास्तविक चिंता के कारण किया गया है। उन्हें डर है कि इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी। उन्होंने मांग की है कि सीबीआई बनाम कुलदीप सिंह और अन्य मामले को किसी अन्य बेंच के सामने रखा जाए। इससे न्याय प्रणाली में निष्पक्षता और जनता का विश्वास बना रहेगा।

पत्र में बताया गया है कि 17 अगस्त 2022 को दर्ज सीबीआई एफआईआर में अरविंद केजरीवाल को आरोपी नंबर 18 बनाया गया था। उन्हें 26 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत ने 23 आरोपियों से जुड़ी पांच चार्जशीट पर लगभग दो महीने तक आरोपों पर बहस सुनी। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। 27 फरवरी 2026 को विशेष सीबीआई अदालत ने एक विस्तृत आदेश पारित किया। इसमें सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया गया।

दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाही का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने आरोप मुक्त करने के आदेश को चुनौती देते हुए लगभग 50 पन्नों की एक रिवीजन याचिका दायर की है। हालांकि पत्र के अनुसार, इस याचिका में निचली अदालत के निष्कर्षों या सबूतों में किसी भी विशिष्ट गलती को उजागर नहीं किया गया है। ऐसा कोई कारण नहीं बताया गया है, जिससे आरोप मुक्त करने के आदेश को रद्द किया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि 9 मार्च 2026 को पहली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया। हाई कोर्ट ने आरोप मुक्त किए गए आरोपियों को सुने बिना ही प्रथम दृष्टया यह विचार दर्ज कर लिया कि निचली अदालत का विस्तृत आदेश गलत था। हाई कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ निचली अदालत की टिप्पणियों और निर्देशों पर भी रोक लगा दी। इनमें संभावित विभागीय कार्रवाई से संबंधित निर्देश भी शामिल थे। जबकि सीबीआई ने केवल सीमित रोक की मांग की थी।

अरविंद केजरीवाल ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत को भी कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। यह निर्देश तब तक के लिए है जब तक हाई कोर्ट सीबीआई की रिवीजन याचिका पर विचार नहीं कर लेता। पत्र में कहा गया है कि ईडी रिवीजन कार्यवाही में कोई पक्षकार नहीं था। सीबीआई ने भी ऐसी कोई राहत नहीं मांगी थी।

पत्र में तर्क दिया गया है कि आरोप मुक्त किए गए आरोपियों को सुने बिना शुरुआती चरण में ऐसे निर्देश जारी करना चिंता पैदा करता है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या रिवीजन याचिका की जांच आवश्यक न्यायिक तटस्थता के साथ की जाएगी। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में कई चार्जशीट और 23 आरोपी शामिल हैं। इसके बावजूद जवाब दाखिल करने के लिए केवल एक सप्ताह का समय दिया गया। पत्र में इसे इतने बड़े मामले में असामान्य जल्दबाजी बताया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इसी बेंच ने पहले आबकारी नीति मामले से जुड़े कई केसों पर फैसला सुनाया था। इनमें संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल, अमनदीप सिंह ढल्ल, के. कविता और मनीष सिसोदिया की जमानत याचिकाएं शामिल हैं। पत्र के अनुसार उन मामलों में अदालत ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को स्वीकार करते हुए व्यापक प्रथम दृष्टया टिप्पणियां की थीं। इनमें सरकारी गवाहों के बयानों पर भरोसा करना, कथित नीतिगत हेरफेर, कथित रिश्वत और मनी ट्रेल की अनुपस्थिति से संबंधित मुद्दे शामिल थे।

पत्र में यह भी बताया गया है कि हालांकि इनमें से कुछ मामले ईडी की कार्यवाही से उत्पन्न हुए थे। लेकिन वे कार्यवाहियां उसी सीबीआई एफआईआर पर आधारित थीं। उनमें वही बुनियादी आरोप शामिल थे जो अब आरोप मुक्त करने के आदेश के खिलाफ सीबीआई की रिवीजन याचिका के केंद्र में हैं।

पत्र में आगे कहा गया है कि इनमें से कई फैसलों को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को राहत दी थी। पत्र के अनुसार, इससे यह चिंता और मजबूत होती है कि इसी विवाद से जुड़े मामलों में अपनाया गया पिछला दृष्टिकोण पहले ही कानूनी रूप से कमजोर पाया जा चुका है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि ट्रांसफर का अनुरोध जज के खिलाफ किसी व्यक्तिगत आरोप पर आधारित नहीं है। यह इस कानूनी सिद्धांत पर आधारित है कि अदालतों को यह भी विचार करना चाहिए कि क्या परिस्थितियां किसी निष्पक्ष वादी को पक्षपात की संभावना महसूस करा सकती हैं।

पत्र में अरविंद केजरीवाल बनाम सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया गया है। वहां कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि सीबीआई को 22 महीने तक उन्हें गिरफ्तार करना जरूरी नहीं लगा था। जब ईडी मामले में उन्हें रिहा किया जाने वाला था, तब अचानक उन्हें गिरफ्तार करने की जल्दबाजी काफी संदिग्ध लगती है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई को न केवल निष्पक्ष होना चाहिए बल्कि निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। कानून के शासन वाले लोकतंत्र में जनता की धारणा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आवेदकों ने कहा कि ट्रांसफर के अनुरोध का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मामले की सुनवाई तटस्थता के साथ हो। न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना भी इसका उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य-सूची के प्रमुख के रूप में मुख्य न्यायाधीश के पास मामलों को आवंटित करने और उन्हें उचित बेंचों को सौंपने का अधिकार है।

अपनी प्रार्थना में अरविंद केजरीवाल ने न्याय के हित में सीबीआई बनाम कुलदीप सिंह और अन्य रिवीजन याचिका को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। उन्होंने न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता में विश्वास बनाए रखने के लिए मामले को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से किसी अन्य उचित बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है।

📲 राष्ट्रीय, पंजाब और राजनीति की ताज़ा और प्रमाणिक खबरें सबसे पहले सीधे आपके WhatsApp पर पाएं।

💬 WhatsApp ग्रुप जॉइन करें
Share. Facebook Twitter Pinterest Email Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleपंजाबी सिंगर को लेकर आई आई बुरी खबर!!!!
Next Article संसद में ईरान युद्ध और LPG संकट पर घमासान
HNE News Desk
  • Website

Hindi News Express पर पढ़ें राष्ट्रीय, पंजाब, जालंधर, राजनीति, खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा व प्रमाणिक हिंदी खबरें।

Related Posts

नीट के बाद अब सीबीएसई मूल्यांकन में गड़बड़ी, शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें प्रधानमंत्री- केजरीवाल

May 25, 2026

नॉर्वे में पीएम मोदी से प्रेस की आजादी पर सवाल, भारतीय विदेश मंत्रालय और पत्रकार के बीच तीखी बहस

May 19, 2026

नीट परीक्षार्थियों के आए हजारों संदेश, केजरीवाल ने दिया हर हाल में डॉक्टर बनने का संकल्प लेने का मंत्र

May 19, 2026
Don't Miss

सीमा पार से हथियार तस्करी करने वाले मॉड्यूल से जुड़े पांच आरोपी 8 पिस्तौलों सहित गिरफ्तार

HNE News DeskMay 27, 2026

गिरफ्तार आरोपी विदेशी तस्कर से संपर्क के लिए वर्चुअल नंबरों का करते थे इस्तेमाल: डीजीपी…

रवनीत बिट्टू का व्यवहार शर्मनाक, घमंडी और पूरी तरह अस्वीकार्य: कुलदीप सिंह धालीवाल

May 27, 2026

भाजपा ने भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने का वादा किया था, लेकिन आज ताइवान जैसा छोटा देश भी भारत को पीछे छोड़ चुका है: हरपाल सिंह चीमा

May 27, 2026

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की वन्यजीव संरक्षण मुहिम की सफलता से 5 महीनों में 2.30 लाख से अधिक पर्यटक छत्तबीड़ चिड़ियाघर पहुंचे: लाल चंद कटारूचक्क

May 27, 2026
About Us
About Us

HINDI NEWS EXPRESS एक विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो राष्ट्रीय, पंजाब, जालंधर, राजनीति, खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी ताज़ा एवं प्रमाणिक खबरें सरल हिंदी में पाठकों तक पहुँचाता है।

हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्य आधारित और तेज़ अपडेट के साथ जनहित में समाचार प्रदान करना है। हम पारदर्शी और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp RSS
Important Links
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Code of Ethics
  • Editorial Policy
  • Grievance
  • Contact Us
Most Popular

Vedanta Demerger News: वेदांता कंपनी ने किया बड़ा ऐलान; निवेशकों को मिलेंगे मुफ्त के शेयर, जानिए कैसे ?

September 29, 2023

Business News Today: प्याज को लेकर बड़ी खबर – मोदी सरकार के नए फैसले से किसानों की होगी बम्पर कमाई

October 1, 2023

शादी समारोह में भोजन के बाद बीमार हुए लोगों का मामला

May 27, 2026
© 2026 Hindi News Express. All Rights Reserved. Designed by iTree Network Solutions.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.