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डिप्टी लीडर पद से हटने के बाद बढ़ी अंदरूनी खींचतान
- केंद्र बनाम पंजाब सरकार—सुरक्षा को लेकर नए सवाल
15 अप्रैल 2026
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा की वजह उनकी सुरक्षा को लेकर उठे सवाल और पार्टी के भीतर बढ़ता विवाद है। चड्ढा ने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें केंद्र सरकार की ओर से कोई Z+ सुरक्षा नहीं दी गई है, जिससे मीडिया में चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
चड्ढा ने यह भी आरोप लगाया कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इसे आगामी विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, हाल ही में आप ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राघव चड्ढाको राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाकर अशोक मित्तलको यह जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसके बाद से ही पार्टी और चड्ढा के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया था।
इसी बीच, बुधवार सुबह ईडी ने अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी की, जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
दिल्ली के आप नेता सौरभ भारद्वाजने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया था कि केंद्र सरकार ने चड्ढा को Z+ सुरक्षा दे दी है और सवाल उठाया कि आखिर केंद्र सरकार उन पर इतनी मेहरबान क्यों है। हालांकि, चड्ढा के करीबी सूत्रों ने इस दावे को खारिज किया है।
सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल चड्ढा को केंद्र से कोई सुरक्षा नहीं मिली है, लेकिन उन्हें जल्द केंद्रीय सुरक्षा मिल सकती है। तब तक उन्हें दिल्ली पुलिसकी सुरक्षा दी जा सकती है। यह भी चर्चा है कि भविष्य में उन्हें दिल्ली और पंजाब में Z कैटेगरी सुरक्षा और अन्य जगहों पर Y+ सुरक्षा दी जा सकती है, हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह पूरा मामला केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे पार्टी की अंदरूनी राजनीति और बदलते समीकरणों के संकेत भी देखे जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद आप के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।
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