नई दिल्ली, 17 जनवरी, 2025 – मिनेसोटा में सर्दियों के मौसम के साथ नॉरोवायरस के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। “विंटर वॉमिटिंग बग” के नाम से कुख्यात यह वायरस खाने-पीने की वस्तुओं के माध्यम से तेजी से फैलता है। मिनेसोटा डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ ने दिसंबर में नॉरोवायरस के 76 प्रकोप दर्ज किए, जो सामान्य आंकड़ों से तीन से चार गुना अधिक हैं। जनवरी के पहले पखवाड़े में ही 26 प्रकोप सामने आ चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह वायरस अत्यधिक संक्रामक है और दूषित भोजन, पानी, और सतहों के संपर्क में आने से फैलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में लोग ज्यादातर समय घर के अंदर बिताते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नॉरोवायरस के लक्षणों में अचानक उल्टी, दस्त, सिरदर्द, और हल्का बुखार शामिल हैं। संक्रमित व्यक्ति 12 से 48 घंटे के भीतर बीमार पड़ सकता है, लेकिन बीमारी आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।

मिनेसोटा यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. मेलानी फायरस्टोन का कहना है कि उन्नत परीक्षण विधियों के कारण नॉरोवायरस के मामलों की पहचान तेजी से हो रही है। पहले जहां परिणाम आने में समय लगता था, अब नई तकनीकों के जरिए कुछ ही घंटों में संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। वायरस से बचने के लिए साबुन और पानी से हाथ धोना, सतहों को ब्लीच-आधारित क्लीनर से साफ करना और संक्रमित व्यक्ति को कम से कम तीन दिन तक अलग रखना महत्वपूर्ण है। अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र इस वायरस को खत्म करने में प्रभावी नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नॉरोवायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए साफ-सफाई का ध्यान रखना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति उल्टी या दस्त से पीड़ित है, तो उसे घर पर रहकर दूसरों को संक्रमित होने से बचाना चाहिए।

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