स्वतंत्र दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, मिलावट रोकने और गुणवत्ता सुधारने के लिए कड़े निर्देश
नई दिल्ली, 18 March 2026
देशभर में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट की बढ़ती शिकायतों के बीच फूड सेफ्टी एंड स्टैंड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने बड़ा कदम उठाया है। अब बिना रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति या संस्था दूध का कारोबार नहीं कर सकेगी।
11 मार्च को जारी एडवाइजरी में एफएसएसएआई ने कहा कि कई जगहों पर दूध उत्पादक और विक्रेता बिना लाइसेंस के काम कर रहे हैं। अब ऐसे लोगों को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जो किसान या पशुपालक किसी रजिस्टर्ड डेयरी सहकारी समिति (जैसे अमूल या मदर डेयरी जैसी संस्थाओं से जुड़े सदस्य) को ही पूरा दूध सप्लाई करते हैं, उन्हें अलग से एफएसएसएआई लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी।
सभी स्वतंत्र विक्रेता दायरे में
नई व्यवस्था के तहत:
- स्वतंत्र दूध उत्पादक
- डेयरी फार्म संचालक
- दूध संग्रह केंद्र
- दूध बेचने वाले दुकानदार
सभी को एफएसएसएआई से रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
मिलावट रोकने पर फोकस
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि इस कदम का उद्देश्य दूध में मिलावट रोकना, खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और उपभोक्ताओं को शुद्ध दूध उपलब्ध कराना है। हाल के समय में कई राज्यों से मिलावट के मामले सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है।
सिर्फ लाइसेंस ही नहीं, बल्कि दूध के स्टोरेज पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे चिलिंग सिस्टम और स्टोरेज तापमान की नियमित जांच करें ताकि दूध खराब न हो।
एफएसएसएआई ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बिना पंजीकरण वाले सभी विक्रेता जल्द से जल्द लाइसेंस प्राप्त कर सकें।
केंद्र और राज्य के फूड सेफ्टी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच करें कि दूध बेचने वालों के पास वैध लाइसेंस है या नहीं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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