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किरण रिजिजू ने किया हस्तक्षेप, सरकार ने स्थिति सामान्य होने का दिया भरोसा
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जेपी नड्डा का पलटवार—विपत्ति के समय भी राजनीति कर रही कांग्रेस
नई दिल्ली: 16 मार्च 2026
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका तथा ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ने लगा है। इसी को लेकर देश में एलपीजी गैस की संभावित किल्लत का मुद्दा सोमवार (16 मार्च) को संसद में गूंज उठा।
भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा में विपक्ष ने एलपीजी की उपलब्धता और संभावित कालाबाजारी को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए जोरदार हंगामा किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण यदि गैस संकट की आशंका है तो सरकार को पहले से ही ठोस इंतजाम करने चाहिए थे।
खड़गे ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बताए कि संभावित कमी से निपटने के लिए क्या व्यवस्था की गई है और कालाबाजारी रोकने के लिए कौन-से कदम उठाए गए हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि इस गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए ताकि देश की जनता को स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
खड़गे के बयान के दौरान केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार पहले ही इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है और घबराने की जरूरत नहीं है।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से पैदा हुई है और इसका भारत से कोई सीधा संबंध नहीं है।
नड्डा ने कहा,“यह संकट वैश्विक परिस्थितियों के कारण पैदा हुआ है। कांग्रेस विपत्तिकाल में भी राजनीति करने से पीछे नहीं हट रही है और जनता को भड़काने का काम कर रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही सदन में इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से जानकारी दे चुके हैं और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
केंद्र सरकार की ओर से पहले भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि देश में फिलहाल एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू आपूर्ति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त भंडार और वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल-गैस सप्लाई रूट पर संभावित खतरे के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर एलपीजी सहित अन्य ऊर्जा उत्पादों की कीमतों और सप्लाई पर पड़ सकता है।
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