कोलकाता, 23 फरवरी 2025 – कोलकाता में रविवार को गर्म और प्रदूषित मौसम दर्ज किया गया। सुबह का तापमान 22.78°C रहा, जबकि दिन में 32.32°C तक पहुंचने की संभावना है। हवा की रफ्तार 54 किमी/घंटा है, जबकि नमी स्तर 54% दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में कोई बड़ी राहत मिलने की संभावना नहीं है। सूर्य सुबह 6:02 बजे उदय हुआ और शाम 5:37 बजे अस्त होगा।
कोलकाता में क्यों बिगड़ रही है वायु गुणवत्ता?
कोलकाता में पिछले कुछ दिनों से वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। आज शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 दर्ज किया गया, जो Hazardous (गंभीर रूप से खतरनाक) श्रेणी में आता है।
वायु प्रदूषण में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं—
➡ वाहनों का बढ़ता धुआं और इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले जहरीले गैसें।
➡ तापमान में उतार-चढ़ाव और कम हवा की गति, जिससे प्रदूषक वातावरण में अधिक समय तक बने रहते हैं।
➡ निर्माण कार्य और धूल कणों का बढ़ता स्तर, जिससे हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
स्वास्थ्य पर असर: सांस लेना हुआ मुश्किल
AQI 500 तक पहुंचने के कारण सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा व हृदय रोगी इस समय सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, सिरदर्द, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कोलकाता में कल का मौसम पूर्वानुमान
सोमवार, 24 फरवरी 2025 को भी गर्मी और प्रदूषण से राहत की संभावना नहीं है।
➡ न्यूनतम तापमान: 22.49°C
➡ अधिकतम तापमान: 33.01°C
➡ नमी स्तर: 39%
मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता में अगले कुछ दिनों तक प्रदूषण के स्तर में कोई कमी नहीं आएगी।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
✅ बाहर निकलने से बचें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।
✅ मास्क (N95/N99) पहनें, ताकि हानिकारक कणों से बचा जा सके।
✅ घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें।
✅ भरपूर पानी और एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन लें, जिससे शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलेगी।
✅ जरूरी होने पर ही बाहर जाएं और व्यायाम जैसी शारीरिक गतिविधियों को फिलहाल टाल दें।
प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग
कोलकाता में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशासन को वाहनों पर नियंत्रण, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
कोलकाता में प्रदूषण और गर्मी दोनों बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। AQI 500 तक पहुंचने के कारण सभी लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक लोगों को अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी होगी।
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