भोपाल/प्रयागराज, [23 फरवरी 2025] – महाकुंभ 2025 के चलते प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बेकाबू हो गई है। भोपाल से चलने वाली महाकाल-काशी सुपरफास्ट एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में कंफर्म टिकट वालों के लिए भी सीट मिलना मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि जनरल से लेकर एसी कोच तक भीड़ से भरे हुए हैं और लोग दरवाजों, खिड़कियों से लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं।
ट्रेन में चढ़ने की मची होड़, यात्रियों की सांसत
भोपाल के संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर जब महाकाल-काशी एक्सप्रेस पहुंची, तो हजारों यात्री उसमें चढ़ने के लिए बेताब थे। ट्रेन पहले ही 4 घंटे लेट थी, जिससे लोगों की बेचैनी और बढ़ गई। स्टेशन पर खड़े लोगों की संख्या ट्रेन की क्षमता से 10 गुना ज्यादा थी। जैसे ही ट्रेन रुकी, लोग दरवाजों, खिड़कियों और यहां तक कि बोगियों की छत पर चढ़ने लगे।
स्थिति इतनी खराब थी कि कई यात्रियों को शौचालय में बैठकर सफर करना पड़ा। ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मची थी, सामान बिखरा हुआ था और भीड़ के कारण सांस लेना भी मुश्किल हो गया था।
AC कोच भी नहीं रहे सुरक्षित, यात्रियों की परेशानी बढ़ी
बढ़ती भीड़ की वजह से एसी कोच भी प्रभावित हुए। बीना स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी, तो जनरल बोगी के यात्रियों ने एसी कोच में घुसने की कोशिश की। एसी कोच में सफर कर रहे लोगों ने दरवाजे बंद कर लिए, लेकिन फिर भी भीड़ घुस आई।
यात्रियों का कहना है कि स्टेशनों पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। न पुलिस दिखी, न रेलवे प्रशासन ने कोई कदम उठाया। एसी कोच में सफर कर रहे अजय जैन ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जब सरकार इतनी बड़ी व्यवस्था संभाल नहीं सकती, तो महाकुंभ का आयोजन क्यों करवा रही है?”
प्रयागराज में 15 KM तक श्रद्धालुओं की भीड़, वाहनों की एंट्री बंद
माघी पूर्णिमा स्नान के चलते प्रयागराज में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। संगम तट पर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी भीड़ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 किलोमीटर तक केवल श्रद्धालुओं की कतारें नजर आ रही हैं।
भीषण ट्रैफिक को देखते हुए प्रशासन ने शहर में वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी है। श्रद्धालुओं को 8 से 10 किलोमीटर पैदल चलकर संगम तक पहुंचना पड़ रहा है। हालांकि, प्रशासन ने पार्किंग से शटल बसें चलाई हैं, लेकिन उनकी संख्या बेहद सीमित है।
👉 अब तक स्नान करने वालों की संख्या: 1.83 करोड़ (दोपहर 2 बजे तक)
👉 शाम तक अनुमानित स्नान करने वाले श्रद्धालु: 2.5 करोड़
परिजन हुए लापता, पुलिस से मदद नहीं मिल रही
महाकुंभ में श्रद्धालु अपने परिजनों से बिछड़ रहे हैं, लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिल रही। बिहार के नवादा से आए एक बुजुर्ग की पत्नी तीन दिनों से लापता है। वे लगातार पुलिस चौकियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा।
इसी तरह असम से आई सुष्मिता दास ने बताया कि स्नान के बाद उनके कुछ रिश्तेदार गायब हो गए। जब पुलिस से मदद मांगी, तो उन्हें बार-बार अलग-अलग जगह भेजा जा रहा है।
सरकार और रेलवे प्रशासन पर उठे सवाल
इस भारी भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए लोगों ने सरकार और रेलवे प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
📌 यात्रियों की मुख्य शिकायतें:
✔ रेलवे प्रशासन द्वारा पर्याप्त ट्रेनें नहीं चलाई गईं
✔ ट्रेनों में बेकाबू भीड़ के कारण यात्रा मुश्किल
✔ पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) नदारद
✔ महिला यात्रियों को भारी परेशानी, शौचालय तक पहुंचना भी मुश्किल
✔ प्रयागराज में प्रशासन की व्यवस्था फेल, श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा
महाकुंभ के कारण प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में बेतहाशा भीड़ हो गई है। सुरक्षा और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यात्रियों को सीटें नहीं मिल रहीं, ट्रेनों में अफरा-तफरी मची है और पुलिस-प्रशासन बेखबर है।
प्रयागराज में भी शहर की यातायात व्यवस्था ठप हो गई है। श्रद्धालुओं को 10-15 किलोमीटर पैदल चलकर संगम तक पहुंचना पड़ रहा है। सरकार और रेलवे प्रशासन को इस स्थिति को संभालने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
Leave a Comment